Vastu Tips

भगवान शिव शंकर की नटराज वाली मूर्ति घर के मंडप में नहीं रखनी चाहिए क्योंकि भगवान शंकर  नटराज वाली मूर्ति में तांडव करते नजर आते हैं इसीलिए यदि आप अपने घर में  मंडप में भगवान शंकर की नटराज की मूर्ति रखते हैं तो इससे घर

यदि आपके सुबह उठते ही आपकी नजर दही से भरे किसी बर्तन पर पड़े तो इसे शुभ संकेत माना जाता है। यदि सुबह सुबह आप ऐसे किसी व्यक्ति को देखते हैं जो गन्ना लेकर जा रहा होता है तो ऐसा माना जाता है कि निकट

शाम ढलने के बाद किसी दूसरे व्यक्ति को कभी भी दूध, दही, नमक,  तेल नहीं देना चाहिए  क्योंकि ऐसा करने से आपके घर की लक्ष्मी किसी और के घर चली जाती है । आप अपने घर के मुख्य द्वार पर कभी भी रात्रि में कचरा

थोड़ी सी गेहूं को एक नारियल और सता  गोमती चक्र के साथ पीले रंग के कपड़े में बांधकर, जिस व्यक्ति को गुस्सा आ रहा उस व्यक्ति के ऊपर से 7 बार घुमाकर जल में प्रवाहित कर दें और इस बात का अत्याधिक ध्यान रखे की

कासुला के पौधे को धन खींचने का पौधा या धन को आकर्षित करने का पौधा भी माना जाता है।  यदि आप कासुले के पौधे का पूरा-पूरा लाभ चाहते हैं तो यह बात जानना अति आवश्यक है कि आप कासुले के पौधे को अपने घर के

एक शीशे की कटोरी ले उसमें थोड़ा पानी भर ले फिर उसी कटोरी में रंगीन मोतियां या फिर शीशे के  रंगीन पत्थर रखकर घर के  एक ऐसे स्थान पर  रख दें जहां पर घर में आने-जाने  वाले बाहरी लोगों  की नजर परती,  ऐसा करने से

ऐसा माना जाता है कि धनतेरस के दिन समुद्र मंथन के दौरान धनतेरी जी अमृत का कलश लेकर आए थे, इसीलिए उस दिन बड़े-बड़े बर्तन खरीदने चाहिए क्योंकि जितने बड़े बर्तन आप उस दिन खरीदेंगे उसका 13 गुना ज्यादा आपको धन की प्राप्ति होगी ।

वैसे तो मां लक्ष्मी के बहुत सारे स्वरूप है परंतु मां लक्ष्मी को सबसे प्रिय है श्रीयंत्र तथा लक्ष्मीयंत्र । दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन के समय कलश स्थापना  को बहुत महत्व दिया गया है और इस कलश स्थापना के लिए आप एक तांबे का

जैसा की हम सभी जानते हैं दीपावली की रात को मां लक्ष्मी के आगमन की रात मानी जाती है इसीलिए दीपावली की रात को कुछ ऐसे संकेतो का मिलना जिन से आपको पता चलेगा  की आने वाले नए साल में मां लक्ष्मी की आपके ऊपर

जैसा की हम सभी जानते दीपावली की रात काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है । दीपावली खुशियों का त्योहार माना जाता है । दीपावली के दिन हम अपने परिवार के सदस्य और दोस्तों के साथ उपहारों  का कभी आदान प्रदान करते हैं क्योंकि उपहार अपनों की