जानिए कार्तिक पूर्णिमा का महत्व और स्नानदान

जानिए कार्तिक पूर्णिमा का महत्व और स्नानदान

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कार्तिक पूर्णिमा को काफी महत्व दिया जाता है  क्योंकि ऐसा माना जाता है  कि भगवान विष्णु के पहले अवतार का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही हुआ था।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान को भी काफी महत्व दिया गया है ऐसा माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से आपके किए गए सारे पाप धुल जाएंगे। यदि आपके घर के आसपास कहीं पर गंगा नदी ना हो तो आप अपने घर में ही थोड़ा सा गंगाजल डालकर स्नान करें क्योंकि ऐसा करने से आपको गंगास्नान जितना ही पुण्य मिलेगा।

इस बार कार्तिक पूर्णिमा शनिवार के दिन है इसलिए शनिवार के दिन थोड़ा सा आमला चूर्ण या तिल शरीर में मल कर नहाने से कालसर्प दोष, शनि दोष, और पित्र दोष समाप्त हो जाएगा।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन को चंद्र का दिन भी माना जाता है इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन सफ़ेद  चीजों को दान में देना चाहिए जैसे कि नारियल, चावल,  सफेद मिठाई, दही इत्यादि इससे आपका चंद्र दोष से मुक्ति मिलेगी ।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन हाथ में कुश लेकर गंगा स्नान करना चाहिए इससे लक्ष्मी की आप पर असीम कृपा बनी रहेगी।

यदि आप कार्तिक पूर्णिमा के दिन जल, दूध, गुड़ मिलाकर पीपल पर चढ़ाते हैं तो इससे भी लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत को भी काफी महत्व दिया गया है इसलिए यदि आप कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर भगवान का पूजन करें तो इससे आपके घर में हमेशा सुख शांति बनी रहेगी।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन सूर्य अस्त के बाद हमें भगवन चंद्र को अर्ध्य देना चाहिए और इस बात का ध्यान रखें कि अर्ध्य  देने की सारी सामग्री सफेद हो जैसे कि नारियल, केला ,सफेद मिठाई, सफेद फूल दही इत्यादि।

इस दिन घर के मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाना चाहिए।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस बात का अत्यधिक ध्यान रखें कि आप किसी भी तरीके का कोई शारीरिक संबंध ना बनाए क्योंकि इससे चंद्र दोष लगता है।

इस दिन दूध में गंगाजल मिलाकर खीर बनाएं और उसे लक्ष्मी मां को भोग लगाएं इससे भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

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